Thursday, August 6, 2020

आओ सुंदर जहाँ बनाएं

*सुंदर समाज बनाएं, आदर्श समाज बनाएं*

प्रत्येक व्यक्ति समाज का अहम हिस्सा होता है। उसकी  सोच उसके घर से शुरू होकर समाज,देश और पूरे विश्व तक पहुँचती है। एक अच्छा व्यक्ति बिलकुल खुशबू की तरह होता है जिसकी महक हर दिशाओं में बराबर ही जाती है बिना किसी भेद-भाव के। सुंदर समाज तभी सम्भव होगा जब हम और हमारी सोच दोनों सही होंगे। हमारी सोच का सीधा प्रभाव हमारे कार्य पर पड़ता है और हमारा कार्य ही हमारा भाग्य बनाता है। हमारे भाग्य के साथ हमारे परिवार का सीधा रिश्ता है। हम सुधरने की कोशिश करेंगे तो हमारा परिवार सुधरेगा, हमारा समाज सुधरेगा, हमारा देश सुधरेगा और पूरा विश्व सुंदर और सुखदाई बन जायेगा। 
इसके लिए चाहिए कि हमें दूसरे की गलतियों को नजरअंदाज करें तथा खुद को ठीक करने में इतना वक्त लगा दें कि कोई बुरा कार्य के लिए हमारे पास बिलकुल भी समय न हो। 
जब हम खुद सही होंगे तभी सुंदर और सुखद हमारा समाज भी होगा और यह धरती बहुत सुंदर और खुशहाल होगी।

जयहिंद
अर्चि

108 घण्टे चली देवी की आराधना

*हिंद देश परिवार का 108 घंटे देवी दुर्गा को समर्पित वर्चुअल कार्यक्रम* *देश विदेश के रचनाकारों ने देवी मां के साथ घर की मां की पूजा का किया ...