Friday, May 28, 2021

हिंददेश परिवार की नई इकाई, हिंददेश पटना के उद्घाटन।

*अंतर्राष्ट्रीय संस्था हिंददेश परिवार की पटना इकाई का उद्घाटन समारोह संपन्न*
पूरी सृष्टि को सुंदर और खुशहाल बनाने के लिए दृढसंकल्पित एनजीओ हिंददेश की एक नई इकाई का गठन हुआ।
पटना हिंददेश परिवार की पटना ईकाई का ऑनलाइन उदघाटन समारोह  बुधवार को बडे़ निराले अंदाज के साथ सम्पन्न हुआ । समारोह में देश विदेश के कलमवीरों ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों के साथ एतिहासिक नगरी पटना का खूब बखान किया। इस अवसर पर हिंददेश परिवार की संस्थापिका,एवं अध्यक्षा डॉ. अर्चना पाण्डेय 'अर्चि', हिंददेश परिवार के गठन एवं उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, तथा सभी को मानवता के साथ संसार को सुंदर एवं संस्कारमय बनाने हेतु योगदान देने की अपील की। हिंददेश परिवार के संस्थापक महासचिव एवं अनुशासन प्रमुख आ.बजरंग लाल केजडी़वाल 'संतुष्ट',वरिष्ठ उपाध्यक्ष आ.महेश कुमार जैन 'अमृत', हिंददेश परिवार की सह अध्यक्षा डॉ.स्नेहलता द्विवेदी 'आर्या',अंतर्राष्ट्रीय संयोजिका आ.इंदु उपाध्याय 'संचिता', हिंददेश परिवार की कर्नाटक इकाई की अध्यक्षा आ. आराधना प्रियदर्शिनी,महाराष्ट्र इकाई की अध्यक्षा आ.सुखमिला अग्रवाल, हिंददेश परिवार पत्रिका की सचिव आ.निभा राय नवीन,हिंददेश परिवार की अमेरिका इकाई की अध्यक्षा आ.स्निग्धा उपाध्याय,अमेरिका इकाई की सचिव आ.कुसुम शर्मा 'कमल',  हिंददेश परिवार की अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार आ.निक्की शर्मा,सह सलाहकार आ.पवन शर्मा 'प्रबल',सह संयोजक आ.राज कुमार पुरोहित,‌आ. सारिका फ्लोर नॉरोबी केन्या, आ.कल्पना पारीक संरक्षिका विश्व बंधुत्व पटल,आ.स्मृति त्रिवेदी भूषण अध्यक्ष विश्व बंधुत्व,आ.स्निग्धा उपाध्याय अध्यक्ष हिंददेश परिवार अमेरिका इकाई,आ.समर भौमिक बांग्लादेश,आ.अनन्त बिकास बांग्लादेश,आ.कवि अनुप कुमार छोटा,आ.भगवान् झा,दिल्ली इकाई की सचिव आ.संगीता ठुकराल गुलाटी,मिडिया प्रभारी आ.राजेश कुमार पुरोहित, पुष्प वाटिका आध्यात्मिक केंद्र,पूर्णिया, बिहार की अध्यक्षा आ. ब्रह्माकुमारी बहन मधुमिता,आ.इंद्रजीत कुमार,हिंददेश परिवार के राष्ट्रीय मिडिया प्रभारी आ.  विक्रांत कुमार ठाकुर, गुजरात इकाई के सचिव आ.कुलदीप रुहेला, जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष आ.अमरजीत सिंह, आ. ईश्वर चंद्र जायसवाल,उत्तरप्रदेश,छत्तीसगढ़ इकाई की अध्यक्षा डोंगरगढ़ से,आ. निर्मला सिन्हा, हिंददेश परिवार की सचिव आ.कुमकुम सिन्हा,उत्तरप्रदेश से आ.सुनिता रानी राठौड़,महाराष्ट्र इकाई की सचिव आ.सुधा चतुर्वेदी 'मधुर',आ.प्रकाश चमौली, आ. कलावती कर्वा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष आ.कौशल किशोर,आ.स्वाती जयसलमेरिया, राजस्थान,आ.अनिल राही,मध्यप्रदेश, आ.केसरवानी चंदन,उत्तरप्रदेश, हिंददेश परिवार की पाक्षिक पत्रिका की अध्यक्षा एवं हिंददेश अंतर्राष्ट्रीय की उपसचिव आ.रुचिका राय,आदि ने अपने संबोधन एवं सुमधुर काव्य पाठ के माध्यम से पटना इकाई सहित उसके पदाधिकारियों को अपने हृदय की अन्यतम गहराई से बधाई और शुभकामनाएं देकर उद्घाटन समारोह में चार चांद लगा दिया। चूंकि आज बुद्ध पूर्णिमा यानि बुद्ध जयंती का भी पावन दिन का संयोग मिल गया था तो सभी ने गौतमबुद्ध जी की सीखों और ज्ञान की बातें भी उपस्थित कवि-कवयित्रियों के साथ साझा कर पूरे सभी के हृदय को दोहरे आनन्द से सराबोर कर दिया।

हिंददेश परिवार की नव गठित एवं उद्घाटित पटना इकाई के अध्यक्ष आशुतोष कुमार झा ने सभी कवि कवयित्रियों का आभार व्यक्त करते हुए पटना की ऐतिहासिक भूमि का बखान किया तथा सबके प्रति अपना हार्दिक आभार जताया।

राजस्थान  प्रान्त के देश के सुप्रसिद्ध कवि एवम साहित्यकार भवानीमंडी जिला झालावाड़ निवासी डॉ.राजेश कुमार शर्मा पुरोहित ने प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की महत्ता को खूब समझाया। देश के विभिन्न प्रान्तों के जाने माने  कवि कवयित्रियों ने गर्मजोशी से शानदार काव्य पाठ कर समय को सुहाना बनाया।

उक्त समारोह की जानकारी हिंददेश परिवार के मिडिया प्रभारी आ.राजेश कुमार शर्मा पुरोहित जी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।

Friday, May 21, 2021

हिंददेश परिवार की गाज़ियाबाद इकाई गठित हुई।

हिंददेश परिवार की गाज़ियाबाद इकाई का ऑनलाइन उद्घाटन समारोह संपन्न --

अंतरराष्ट्रीय संस्था हिंददेश परिवार की गाज़ियाबाद इकाई का ऑनलाइन उद्घाटन 20 मई दिन गुरुवार को जानकी नवमी के पवित्र दिन में किया गया गया । यह कार्यक्रम सुबह 8:00 बजे से रात 10:30 तक निरंतर चलता रहा। हिंददेश परिवार गाज़ियाबाद इकाई की नव मनोनीत अध्यक्षा आ. प्रियंका अलकनंदनी 'जया' जी ने अपने वीडियो के माध्यम से सभी का स्वागत एवं अभिनंदन किया । इन्होंने गाज़ियाबाद  शहर का गौरवशाली इतिहास बताते हुए, हिंददेश परिवार का पूरे विश्व में एक गौरवशाली इतिहास गाज़ियाबाद पटल के साथ बनाने की बात कही और इसको निरंतर आगे बढ़ाने में सब का सहयोग माँगा।
                 हिंददेश परिवार के पदाधिकारियों , रचनाकारों ने अपने ऑडियो , वीडियो के माध्यम से शुभकामना संदेश, भजन और कविता का पाठ किया और पूरे पटल को एक पवित्र और खुशनुमा माहौल से सुशोभित किया।
इस उद्घाटन समारोह में पूरे भारत  के अलग - अलग जगहों से रचनाकारों ने बढ़- चढ़ कर हिस्सा लिया।
हिंददेश परिवार की संस्थापिका/ अध्यक्षा डॉ. अर्चना पाण्डेय अर्चि,सह अध्यक्षा स्नेहलता द्विवेदी आर्या, महासचिव बजरंग लाल केजड़ीवाल, इंदू उपाध्याय , पुष्पा बुकलसरिया, महेश कुमार जैन , कुमकुम कुमारी 'काव्याकृति' , सुधीर श्रीवास्तव, कुलदीप सिंह रुहेला , सुखमीला अग्रवाल, भगवान झा, डॉ. कन्हैयालाल गुप्त, सस्मिता मुर्मु ,श्वेता विष्ट, संगीता गुलाटी,आराधना प्रियदर्शनी , धीरज सिन्हा, सुनीता रानी राठौर , डॉ. राजेश कुमार शर्मा पुरोहित , निक्की शर्मा, आशुतोष कुमार झा, इंद्रजीत कुमार, अमरजीत सिंह, राम शरण,सुधा चतुर्वेदी,निरुपमा जोशी, गणपत लाल,कविता पाल बबली , राजेश तिवारी  ने अपनी रचनाओं और भजन से पटल का मान बढ़ाया।
इनके अलावा नीरजा शर्मा, मनीष चंद्रा,संजय सिन्हा, रौशन कुमार झा, लाखन सिंह, अनंतो विकाश,केशव शुक्ला,अर्चना चंचल , सुनील कुमार,मधुमिता, डॉ. मधुकर राव लारोकर, ईश्वर चंद्रा जयसवाल ,संजीव कुमार सिन्हा ने अपने शुभकामना संदेश और बधाईयों से अध्यक्षा और पटल का सम्मान किया।
उद्घाटन समारोह में शामिल सभी लोगों के भागीदारी का आभार व्यक्त करते हुए अध्यक्षा प्रियंका अलकनंदनी 'जया' जी ने समारोह की सफलतापूर्वक संपन्न होने की बात कहीं और समारोह के समापन की घोषणा कीं ।

Tuesday, May 11, 2021

मेरे दिवाकर चाचा

दिवाकर चाचा मेरी बड़ी ईया के सबसे बड़े बेटे है। घर वाले उनको प्यार से छोटे बुलाते हैं क्योंकि वे मेरे पापा से छोटे हैं। मेरे बाबा को सभी चाचा कहकर बुलाते थे क्योंकि बड़े बाबा पहले के लोगों में इतनी एकता थी कि घर में एक व्यक्ति को जिस नाम से बड़े पुकारते थे बाकी लोग भी वही बुलाते थे। हमारी दोनों ईया सगी बहने थीं और दोनों बाबा सगे भाई। बड़ी ईया की बड़ी बेटी रामवती बुआ और उनके बाद दिवाकर चाचा। ये दोनों भाई बहन मेरे बाबा को चाचा कहकर बुलाये तो बाकी सदस्यों ने भी चाचा कहना शुरू कर दिया। बड़े दादा जी को सब लोग बबुआ जी बुलाते थे। 
जब से मैंने होश संभाला तभी से देख रही हूँ। दिवाकर चाचा को एक कर्मठ इंसान के रूप में। जब सब लोग सो रहे होते तो सबसे पहले वही उठते थे। मवेशियों को खिला-पिलाकर, खेती-बाड़ी के सारे काम बड़ी जल्दीबाजी से कर लेते थे। अपने चारो बच्चों का भी ख्याल खूब रखते थे। जहाँ  गाँव के बाकी बच्चे पैदल स्कूल जाते थे वहीं वे अपने बच्चों को विद्यालय खुद ही बारी-बारी से पहुँचाने और ले आने जाते थे। 
दिवाकर चाचा हर काम को पूरी श्रद्धा और लगन से करते थे । चाहे वो खेती का काम हो, मवेशियों का काम, घरवालों का काम हो, गाँव वालों का काम हो या रिश्तेदारों का। हर काम को बड़े आनन्द और उत्साह के साथ मैंने उनको करते देखा है। जब मैं छोटी थी तब उनकी सिर्फ मेहरौना में दुकान थी। अब तो कई दुकानें हैं। खेती-बाड़ी से सम्बंधित जो कुछ भी उनकी दुकान में वस्तुएँ रहती जैसे खाद, बीज या कीटनाशक वे आस-पास के गाँव के लोगों की भरसक मदद करते। बहुत बार उधार भी दे देते थे। जब लोगों के पास पैसे होते तो उनका कर्ज देते थे। हमारे गाँव के लोग उनको काफी इज्जत और सम्मान देते हैं। वे लोगों की भरसक सहायता करते थे। 
हमारे गाँव मनिकपुर की कई बेटियाँ या रिश्तेदार बस से उतरते और उनको गाँव तक आने के लिए कोई सवारी नहीं मिलती तो वे खुद ही छोड़ जाते थे। सबकी मदद करते थे।
मुझे याद है कि गर्मी के दिनों में जब सब लोग गर्मी के आतंक से घरों में छुपे रहते थे तब भी वे दोपहर को खाना खाने आते थे, खाना खाकर जरा आराम भी नहीं करते। फिर वे चिलचिलाती धूप में वापस दुकान पर चले जाते थे। कोई पर्व या त्योहार हो, अपने परिवार का खास ध्यान रखते । उनकी हर माँग पूरी करते। वे अपने घरवालों का ध्यान रखते हुए, गाँव तथा रिश्तेदारों का भी भरपूर ध्यान रखते।
जब कोई इंसान अपने परिवार का बहुत अच्छे से देखभाल कर रहा होता है, उनको अच्छे संस्कार दे रहा होता है, अपने माता-पिता को संतुष्ट कर रहा होता है तो निश्चित रूप से एक सुंदर और सुखद राष्ट्र का निर्माण कर रहा होता है। अपनी हर जिम्मेदारियों को खुशी से निभाना बहुत बड़ी पूजा है। अपने रिश्तेदारों का ध्यान रखना उनके हर दुख-सुख में खड़े रहना निश्चित रूप से किसी भी तीर्थ से बड़ा है। हर मनुष्य का यह परम् कर्तव्य है कि अपने परिवार और रिश्तेदारों का ध्यान रखकर, उनकी मदद करके सुंदर और सुखद राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाए। क्योंकि हर व्यक्ति के निर्माण से ही एक सुंदर और खुशहाल राष्ट्र का निर्माण संभव है।  दिवाकर चाचा मेरे रोल मॉडल हैं। उनका जीवन हम सभी को मेहनत करके आगे बढ़ने का पैगाम देता है।  आप ने सिर्फ शरीर का त्याग किया हैं। आपके विचार आज भी समाज के लिए आईना हैं। आपने जो अपने समाज के लिए किया हैं वह सभी को नेक कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।  हमारी चाची मंजू अर्थात चाचा की धर्मपत्नी चाचा के कर्मठता  की काफी कद्र करती थी।  मंजू चाची उनका जैसे दाहिना बाह थी। दोनों की गृहस्थी बेहद खुशहाल थी। उनकी बड़ी बेटी का नाम रोज़ी है। चाचा, चाची को रोज़ी की मम्मी तथा चाची चाचा को रोज़ी के पापा कहकर बुलाते थे। 2005 में जब मेरी शादी हुई थी। तब चचा ने मेरे लिए विदाई की बनारसी साड़ी खरीदी थी। वो मैरून बनारसी साड़ी जिसे मैं पहनकर अपने ससुराल आई थी। चाचा की याद बरबस दिलाते रहेगी। हर सुबह दिनभर कड़ी मेहनत करने के लिए आपका कभी हार नहीं मानने वाला व्यक्तित्व प्रेरित करता रहेगा। उनका यूँ अचानक चले जाना हम सब का व्यक्तिगत नुकसान न होकर सामाजिक नुकसान है। 

चाचा तुम्हारा यूँ चले जाना
बहुत खलता है
अरे ओ जिम्मेदार चाचा!
अरे वो दिवाकर चाचा!
क्यों भूल गए कुछ भी बताना!
थोड़ा दिन और रह लेते
समाज और रिश्तेदारों की सेवा
और कर लेते!

भुलाए भी तुम नहीं भूलते
आँखों में तुम्हारा चेहरा झलकता है
तुम्हारी यादें है खुश्बू सी
दिल को सुगन्धित करती हैं।

हे ईश्वर तुमसे निवेदन है
मेरे चाचा को जन्नत तुम देना
चाचा सबके दुलारे है
बहुत सारा प्यार तुम देना।

हम चलेंगे चाचा के बताए हुए रास्ते पर
मेरी चाची को हिम्मत तुम देना
चाची को रखेंगे बड़े हिफाजत से
हे खुदा तुम चाचा को जन्नत में जगह देना।


*डॉ. अर्चना पांडेय अर्चि*

Sunday, May 9, 2021

आदरणीया कुमकुम सिन्हा बनी हिंददेश मुख्यपटल की सचिव

आदरणीया कुमकुम सिन्हा जी को हिंददेश परिवार की सचिव मनोनित किए जाने की ढेरों हार्दिक बधाइयां, शुभकामनाएं और अभिनन्दन। हम पूर्ण आश्वस्त हैं कि आपके सचिव पद पर आसीन होने से हिंददेश परिवार की उन्नति में चार चांद लगेंगे और हम पूरे संसार को स्वर्ग से भी अधिक सुन्दर और सुखमय स्थल बनाने के उद्देश्य को प्राप्त करने में अवश्य सफल होंगे।

हिंददेश परिवार आपके सम्पूर्ण स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

निवेदक,
बजरंग लाल केजडी़वाल 'संतुष्ट'
महासचिव एवं अनुशासन प्रमुख
हिंददेश परिवार, मुख्यालय🙏👍❤️🇮🇳🕉️

हिंददेश परिवार अमेरिका का उद्घाटन संपन्न

*हिंददेश परिवार की अमेरिका इकाई का उद्घाटन समारोह*

*नगर संवाददाता - दिनांक 08.05.2021 वार शनिवार।*
अंतर्राष्ट्रीय संस्था (एनजीओ), हिंददेश परिवार की अमेरिका इकाई का उद्घाटन दिनांक ८ मई २०२१ को आभासीय पटल फेसबुक मंच पर सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर समस्त हिंददेश परिवार नई इकाई के शुभारम्भ की खुशी से सराबोर दिखा। संस्था से जुड़े सभी अधिकारियों, कार्यक्रम के संचालकों एवं रचनाकारों ने अपना-अपना संक्षिप्त परिचय देते हुए उद्घाटन समारोह की ढेरों शुभकामनाएं और बधाइयां दीं और अपनी-अपनी विभिन्न बानगियों से सजी कविताओं, गजलों, गीतों आदि का लयबद्ध पाठ कर समारोह में ऐसी काव्यलहरी बिखेरी की सभी सुननेवाले मंत्रमुग्ध हो उठे। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम अमेरिका इकाई की नव मनोनित अध्यक्षा आ.स्निग्धा उपाध्याय जी के आमुख उद्बोधन और समरोह में शिरकत करने पधारे सभी रचनाकारों के स्वागत के वचनों द्वारा हुई। तत्पश्चात् संस्थान की सहअध्यक्षा आदरणीया स्नेहलता द्विवेदी जी ने स्वरचित सुमधुर और कर्ण प्रिय स्वर में मां शारदे की स्तुति प्रस्तुत कर कार्यक्रम के विधिवत् प्रारम्भ का आगाज़ किया। संस्था के महासचिव एवं अनुशासन प्रमुख आ०बजरंग लाल केजडी़वाल 'संतुष्ट' जी ने अपने संभाषण में हिंददेश परिवार के उद्देश्यों की व्याख्या करते हुए बताया कि हिंददेश परिवार का उद्देश्य अपने विभिन्न सेवा कार्यों यथा सत्-साहित्य का सृजन, जरूरतमंदों को रक्तदान द्वारा जीवनदान, अभिनव विद्यालयों की स्थापना कर आदर्श नागरिकों की पौध को विकसित कर स्वस्थ, समृद्ध और खुशहाल विश्व के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाते हुए विश्वबन्धुत्व की भावना का प्रचार-प्रसार करके समूची धरती को स्वर्ग से भी अधिक सुन्दर और सुखमय स्थल बनाना है। साथ ही इसी भावना को दर्शाती अपनी स्वरचित कविता "आओ ताल से ताल मिलाएं" प्रस्तुत कर पूरे माहौल को सकारात्मकता की सुगंध से सुवासित कर दिया। इसके बाद तो देश, विदेश के कवि-कवयित्रीयों ने गीतों, गजलों, कविताओं, भजनों का ऐसा शमां बांधा कि सभी अपने स्थान पर मूर्ति की भांति ठगे से स्थिर होकर रह गये। अपनी काव्य प्रस्तुति देने में प्रमुख रहे - आ. स्निग्धा उपाध्याय (अमेरिका इकाई अध्यक्षा), आ.स्नेहलता द्विवेदी (हिंददेश परिवार की सहअध्यक्षा), आ. अर्चना पाण्डे 'अर्चि' (हिंददेश परिवार की संस्थापिका अध्यक्षा), आ.बजरंग लाल केजडी़वाल 'संतुष्ट', असम (हिंददेश परिवार के महासचिव), आ.पुष्पा बुकलसरीया, असम (महासचिव), आ.स्मृति द्विवेदी भूषण, दोहा कतर (हिंददेश विश्वबन्धुत्व की अध्यक्षा), आ. इंदु उपाध्याय, बिहार (हिंददेश परिवार की अंतर्राष्ट्रीय संयोजिका), आ.आराधना प्रियदर्शिनी (कर्नाटक इकाई की अध्यक्षा), आ.पूनम सिंह (शिकागो), आ.डेमी लोवाटो (अमेरिका), आ.मयंक भूषण (दिल्ली), आ.राजीव पण्ड्या (मिडिल ईस्ट), आ.इन्द्रजीत कुमार (उ.प्र.), आ. अमरजीत सिंह, आ.सुखमिला अग्रवार 'भूमिजा', आ.गणपत लाल उदय, आ.अमित कुमार बिजनौरी (नव साहित्य परिवार के संस्थापक),आ.नरेश चन्द्र उनियाल (उत्तराखण्ड), आ.दिनेश कुमार पाण्डे (वाराणसी), आ.ममता श्रवण अग्रवाल (सतना), आ.ओम् श्रीवास्तव (कानपुर), आ.अनिता सिन्हा (बिहार), आ.सरला विजय सिंह 'सरल', आ. कुसुम शर्मा (उ.प्र.), आ.पल्लवी भुञां (असम), आ.रुचिका राय (बिहार), आ.प्रियंका सिंह (बिहार), आ.निरूपमा त्रिवेदी (मध्यप्रदेश), आ.चन्द्र भूषण सिंह (नई दिल्ली), आ.संगीता ठकुराल गुलाटी (दिल्ली), आ.दिलीप कुमार झा (बंगाल), आ. रितु सिंह (दिल्ली), आ.आभा चौहान, आ. नूतन शर्मा, आ.कौशल किशोर, आ.कुसुम शर्मा (उ.प्र.), आ.रंजना बिनानी (असम), आ.नीरजा शर्मा (चंडीगढ़), आ.निक्की शर्मा (अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार), आ.संबित दास (कोलंबस), आ.ममता (ओहायो, अमेरिका), आ.कुलदीप सिंह रुहेला, आ.सुधा चतुर्वेदी मधुर (मुंबई), आदि। 

सभी ने उद्घाटन समारोह की भूरी-भूरी प्रसंशा की और सभी ने इकाई की अध्यक्षा आ.स्निग्धा उपाध्याय जी के नेतृत्व में संस्थान के चतुर्दिक उत्थान एवं उद्देश्य प्राप्ति में सफल होने का भरोसा जताया। उक्त जानकारी संस्थान के मिडिया प्रभारी आ. ------- ने दी है।

108 घण्टे चली देवी की आराधना

*हिंद देश परिवार का 108 घंटे देवी दुर्गा को समर्पित वर्चुअल कार्यक्रम* *देश विदेश के रचनाकारों ने देवी मां के साथ घर की मां की पूजा का किया ...