Wednesday, October 5, 2022

108 घण्टे चली देवी की आराधना

*हिंद देश परिवार का 108 घंटे देवी दुर्गा को समर्पित वर्चुअल कार्यक्रम*

*देश विदेश के रचनाकारों ने देवी मां के साथ घर की मां की पूजा का किया आवाहन*
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आगरा । साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था अंतरराष्ट्रीय हिंद देश परिवार की आगरा इकाई द्वारा शारदीय नवरात्रि के उपलक्ष में आद्यशक्ति मां दुर्गा को समर्पित 108 घंटे के भक्तिभाव मय वर्चुअल कार्यक्रम में साहित्यकारों ने देवी दुर्गा की आराधना के साथ संसार में नारी सशक्तिकरण पर जोर दिया । रचनाकारों ने देवी की पूजा अर्चन के बावजूद वृद्धाश्रमों और विधवा आश्रमों में महिलाओं की संख्या में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की  ।

संस्था के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री एवं आगरा इकाई के अध्यक्ष संजय गुप्त ने बताया कि 26 सितंबर नवरात्रि के प्रथम दिवस से 4 अक्टूबर नवमी तक नौ दिन प्रातः 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक 12 घंटे प्रतिदिन देश विदेश के 12 से 15 साहित्यकार, समाज सेवी, रचनाकार व भक्तों ने देवी के नौ विग्रह स्वरूपों की आराधना कर संसार में सुख, शांति और आरोग्यता की कामना की ।

हिंद देश परिवार की संस्थापिका और अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.अर्चना पांडेय "अर्ची" ने कहा कि शक्ति स्वरूपा दुर्गा की आराधना से सम्पूर्ण मानव जाति भक्ति की शक्ति और ऊर्जा अर्जित करती है, जिससे दुर्गुणों का नाश होता है ।

भक्ति की धारा प्रवाहित करने वाले आयोजन का शुभारंभ एवं समापन बाबा वैद्यनाथ धाम देवधर झारखंड के दीप नारायण झा दीप के मंत्रोच्चार से हुआ । हिंद देश परिवार के महाप्रभारी डॉ. मधुकर राव लारोकर नागपुर, ममता श्रवण अग्रवाल सतना, चंचल हरेंद्र वशिष्ट दिल्ली, कुसुम शर्मा कमल बागपत, विजया तिवारी आगरा, बजरंग लाल केजरीवाल असम और डॉ. रंजना श्रीवास्तव नागपुर ने प्रतिदिन अपनी प्रस्तुति दीं ।

डॉ शशि गुप्ता न्यूजर्सी, डॉ. राजेंद्र मिलन, सुशील सरित, अशोक अश्रु विद्यासागर, डॉ कमलेश नागर, पंकज भारद्वाज गाजियाबाद, पंडित मनीष शर्मा, आदर्श नंदन गुप्ता, डॉ. कुसुम चतुर्वेदी, चंद्र लेखा लखनऊ, रश्मि सिंह, सुमन तिवारी देहरादून, सरिता गुप्ता दिल्ली, ज्योत्सना सिंह, आर के तिवारी मतंग अयोध्या, माधुरी निगम इंदौर, डॉ सुनीता चौहान, पदमावती पदम, सरोज विश्वकर्मा, हंस राज सिंह हंस प्रयागराज, अंजू श्रीवास्तव, कुसुम सिंह अविचल कानपुर, रीना सक्सेना, रंजना बिनानी गोलाघाट, शरद गुप्त, नंद किशोर, श्रीकांत तैलंग जयपुर, यशोधरा यादव यशो, प्रीति शर्मा असीम नालागढ़, डॉ असीम आनंद, भारती मिश्रा पटना, डॉ. इंदु उपाध्याय पटना, गीतिका गुप्ता, विनीता जोशी, अभिनंदन, दीपिका गुप्ता रामेंद्र शर्मा, प्रेम सिंह राजावत, डॉ शैल बाला अग्रवाल, निशि राज जैन आदि साठ से अधिक वक्ताओं ने अपने भक्ति और शक्ति के विचार व्यक्त किए ।

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प्रेषक
संजय गुप्त
अध्यक्ष
हिंददेश परिवार आगरा इकाई
8937001495

Tuesday, July 26, 2022

सनातन धर्म परिषद के महासचिव बने आदरणीय सुधीर श्रीवास्तव जी।

सनातन धर्म परिषद ने देहदान की घोषणा कर चुके
गोण्डा के सुधीर श्रीवास्तव को राष्ट्रीय महासचिव  मनोनीत किया 

    गोण्डा(उ.प्र.): देहदान की घोषणा कर चुके जनपद के वरिष्ठ कवि/साहित्यकार आ. सुधीर श्रीवास्तव को "सनातन धर्म परिषद" ने साहित्य प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय महासचिव  मनोनीत किया गया है।
        परिषद के संस्थापक पंडित कन्हैया प्रसाद नौटियाल ने मनोनयन की परिषद के भव्य आयोजन में आनलाइन घोषणा  करते हुए कहा कि वरिष्ठ कवि/ साहित्यकार श्री श्रीवास्तव का मनोनयन करते हुए कहा कि उनके सहयोगात्मक रवैये, कार्य दक्षता और सक्रियता से प्रभावित होकर उनके मनोनयन का निर्णय परिषद प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्षा डा. अर्चना श्रेया की संस्तुति पर लिया है। मुझे और परिषद परिवार  को इससे गौरव की अनुभूति का अहसास हो रहा है। उन्होंने श्री श्रीवास्तव को बधाइयां दी और विश्वास जताया कि आपकी रचनात्मक, संवेदनशील उपस्थिति और अनुभवों से निश्चित ही परिषद को न केवल बल मिलेगा, बल्कि परिषद अपने उद्देश्यों में सफलता के नये माप दंड भी स्थापित करेगा।
    
     बहुआयामी व्यक्तित्व, बेबाक, सर्वसुलभ, सर्वहितैषी व्यक्तित्व के धनी नवोदित रचनाकारों के लिए सारथी सुधीर श्रीवास्तव जी विभिन्न राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय पटलों/मंचों से 1700 से अधिक सम्मान पत्र प्राप्त कर चुके श्री श्रीवास्तव विभिन्न साहित्यिक पटलों में पदाधिकारी भी हैं। यथा सलाहकार सह संरक्षक-कविता कानन साहित्य  कला मंच, अधीक्षक -साहित्य प्रकाश रचना मंच, रा.उपाध्यक्ष- अ. भा. साहित्यिक आस्था मंच, निस्वार्थी देशभक्ति समूह ढांचा, झज्जर, हरियाणा, अंतरराष्ट्रीय संरक्षक-स्व. हँसराज कक्कड़ स्मृति मंच, संरक्षक-नव साहित्य परिवार भारत, अंतरराष्ट्रीय ठिठोली हास्य व्यंग मंच, साहित्यकोष (राष्ट्रीय साहित्यकार मंच), नव साहित्य ई मा.पत्रिका, साहित्य एक नजर, राष्ट्रीय गौरव साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थान, मीडिया प्रभारी दल सामयिक परिवेश , महासचिव -प्रयागराज कल्चरल सोसायटी, मीडिया प्रभारी-कुछ बात कुछ जज्बात , संयोजक-अंतरराष्ट्रीय श्रेया क्लब फेसबुक लाइव सहित अनेक साहित्यिक पटलों/मंचों को विशेष रुप से व्यक्तिगत सहयोग भी देते रहते हैं। साथ ही विभिन्न मंचों/पटलों पर विशेष आयोजनों में लगातार सक्रिय भी रहते हैं। 

    बुलंदी विश्व रिकॉर्ड कवि सम्मेलन में प्रतिभाग कर 'काव्यश्री', अखंड काव्यार्चन गोल्डेन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड, ऐतिहासिक अमृत महोत्सव काव्य गोष्ठी के लिए 'गौरव सम्मान', 'कोच काव्य कुँभ 2021', जय विजय सम्मान 2021, संगम शिरोमणि आदि से सम्मानित श्री सुधीर श्रीवास्तव नेत्रदान का संकल्प कर चुके हैं और देहदान की सार्वजनिक हैं।
       श्री श्रीवास्तव 200 से अधिक नये रचनाकारों को यथासंभव प्रेरित करते हुए सहयोग/मार्गदर्शन देते हुए आगे बढ़ाने का भी हर संभव प्रयास करते हुए प्रेरक ,गाडफादर, सारथी की भूमिका लगातार निभा रहे हैं।
      श्री सुधीर श्रीवास्तव के मनोनयन पर परिषद के संस्थापक पंडित कन्हैया प्रसाद नौटियाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष परशुराम पाल, राष्ट्रीय महासचिव मुकेश प्रसाद, राष्ट्रीय अध्यक्षा सुंदरी देवी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष बालकृष्ण कंसवाल, साहित्य प्रकोष्ठ की अध्यक्षा डा. अर्चना श्रेया, नव मनोनीत उपाध्यक्ष निर्दोष लक्ष्य जैन, शिवबक्स यादव, उमेश नाग, मीरा पाण्डेय (अभियोजन अधिकारी), जगनारायण मिश्रा,डा. कृष्णा जोशी, ईश्वर चंद्र मेंहदावली सहित अनेक साहित्यिक, सामाजिक संगठनों, कवियों, साहित्यकारों, प्रबुद्धजनों ने श्री सुधीर श्रीवास्तव को बधाइयाँ और शुभकामनाएं देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है। श्रीवास्तव ने संस्था, संस्था के पदाधिकारियों और सभी शुभचिंतकों, साहित्यिक मनीषियों का आभार, धन्यवाद प्रकट किया ।
     

Tuesday, April 26, 2022

सफल कौन

सफल कौन

मीरा की उम्र करीब 50 की है। उसके दो बच्चे हैं। लड़की मधु और लड़का हर्ष। दोनों बच्चे पढ़- लिखकर अच्छी नॉकरी करते हैं। मीरा अपने बच्चों की परवरिश में कोई कमी नहीं छोड़ी। बच्चों का परवरिश बहुत दिल से किया। उनके हर खुशी का ध्यान रखा। अपने बच्चों तथा अपने पति राघव के साथ अच्छा ताल-मेल बनाकर रखा। अब पचास की उम्र में मीरा के पति उससे हर बात पूछ कर करते हैं। अर्धांगिनी मीरा कहकर बुलाते है। दो दिन के लिए मीरा अगर कहीं चली जाती है तो राघव का मन बिलकुल नहीं लगता। इस उम्र में भी दोनों लांग ड्राइव का आनंद उठाते हैं। अपना मन पसंद गाना लागते हैं।  मीरा और राघव अपने बच्चों को प्यार करते हैं तथा बच्चे उनको। उनका जीवन सफल है। खुशियाँ उनके इर्द-गिर्द है। 
डॉ. अर्चना पांडेय अर्चि

Sunday, November 14, 2021

भाईटी

भाईटी (लघु कथा)

कृति डेढ़ साल की बहुत ही प्यारी बच्ची है। उसके पापा का नाम है राकेश तथा उसकी मम्मी का नाम है प्रज्ञा। सभी कृति को बहुत प्यार करते हैं।
कृति सबको पहचानती है। मामा, नाना, दादी, दादू, मम्मी पापा। टमाटर को टोमेनो बोलती है। आलू को पोटेनो बोलती है।  अपने आप को बिल्कुल नहीं पहचानती। जब भी खुद को आइना में देखती है खुश होकर- भाईटी, भाईटी...... बोलती है। 
(भाईटी अर्थात छोटा भाई।)


लेखिका
-डॉ . अर्चना पांडेय अर्चि

Wednesday, November 3, 2021

जगमग दीप जले


हम आओ मिलकर
एक ऐसा दीप जलाएँ
पूरी सृष्टि को रोशन बनाएँ
हर ओर छा जाए ख़ुशियाँ
तम न हो कहीं पर
रोशनी से भरा हो हर घर।

हम साफ़ कर लें
अपने विचारों को
जो विचारें वर्षों से हृदय में पड़ी
हमारे मन को और तन को
पहुँचा रही है नुकशान
साफ़ कर दें
उनको सदा के लिए
कर लें हल्का अपने मस्तिष्क को
भर लें खुशी अपने अंदर।

माफ़ करें ख़ुद को
और औरों को भी
अपने अंतर्मन के हर कोने में
एक दीप जलाएँ
खुशियों से जीवन महकाएँ।

हम भगवान को धन्यवाद करें
भगवान ने जो कुछ हमें दिया है
बहुत दिया है
हमें मनुष्य बनाया है
यह सर्वोत्तम उपहार है
हमारा मनुष्य जीवन।

अपने ज्ञान ज्योति से
पूरी सृष्टि को प्रकाशमय बनाएँ
आओ मिलकर हम दीप जलाएँ।

*-डॉ. अर्चना पांडेय अर्चि*
*डिब्रूगढ़, असम*

Thursday, September 2, 2021

हिंददेश परिवार लखनऊ इकाई का उद्घाटन, आर्तिका श्रीवास्तव बनी अध्यक्ष।



हिन्ददेश परिवार संसार को सुन्दर और खुशहाल बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित है। साहित्य के माध्यम से इस पवित्र कार्य को किया जा रहा है। संसार के कई देशों में इसकी इकाइयों का गठन हुआ है जिससे इस काम को और द्रुत गति से किया जा सकें। इस संस्था की संस्थापिका और अंतरराष्ट्रीय अध्यक्षा - डॉ. अर्चना पाण्डेय "अर्चि "जी है। आ.इंदु उपाध्याय "संचिता" जी अंतरराष्ट्रीय संयोजिका तथा डॉ.राजेश कुमार पुरोहित जी अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्रभारी है। आ.बजररंग केजड़ीवाल जी एवं पुष्पा बुकलसरिया जी महासचिव हैं।आ. मधुकर राव लारोकर जी प्रभारी एवं आ.हंसराज सिंह "हंस" जी वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्य हैं जिनकी देखरेख में समस्त कार्यक्रम सुचारू रूप से संचालित किया गया। इसके अलावा देश विदेश के अनेकों लोग इस संस्था से जुड़कर संसार की भलाई के लिए कार्य कर रहे हैं। इस संस्था का मुख्यालय असम राज्य के डिब्रूगढ़ जिले में है।
         इसी क्रम में आज नवाबों की नगरी में "हिन्ददेश परिवार लखनऊ  इकाई" का उद्घाटन हुआ। इस पटल की अध्यक्षा आदरणीया आर्तिका श्रीवास्तव जी हैं; जिन्होंने हिन्ददेश परिवार के पवित्र लक्ष्य से प्रेरित होकर हिन्ददेश परिवार लखनऊ इकाई का अध्यक्ष बनना अपना अहो भाग्य समझा। उन्होंने बताया कि हिन्ददेश परिवार की सकारात्मक साहित्यिक गतिविधियों एवं रचनाकारों की रचनाओं के द्वारा निश्चित रूप से पूरे विश्व को लाभ मिल रहा है। आने वाले दिनों में इस कार्य को और गति देने के लिए अनेक नये पटल स्थापित किए जाएंगे तथा अन्य योजनाएं भी बनाई जाएँगी। 
             इस भव्य उद्घाटन समारोह का शुभारम्भ हिंददश परिवार की संस्थापिका एवं अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्षा आदरणीया अर्चना पाण्डेय "अर्चि" जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया और अधृति सागर द्वारा मां वीणा की वंदना के पश्चात  इकाई की अध्यक्षा आदरणीया आर्तिका श्रीवास्तव जी ने अपने आशीर्वचनों से उपस्थित समस्त अतिथियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया। समारोह में आदरणीय बजरंग लाल केजड़ीवाल जी, आदरणीया पुष्पा बुकलसरिया जी, आदरणीय राजेश कुमार पुरोहित जी, आदरणीया इन्दु उपाध्याय "संचिता" जी, आदरणीय हंसराज सिंह "हंस" जी, आ.मधुकर राव लारोकर जी, आदरणीया कुमकुम सिन्हा जी, आदरणीय गिरीश पांडेय जी, आदरणीय अनिल राही जी, आ. कुसुम शर्मा जी, आ.रंजना बिनानी  जी, आदरणीय मदन गोपाल शाक्य जी, आ. माधुरी भट्ट जी, आ. गिरीश चन्द्र पटेल जी, आ.ममता सिन्हा जी, आ.नीरजा शर्मा जी, डॉ कन्हैया लाल गुप्त जी, आ.राजेन्द्र प्रसाद कोट्नाला जी, आ.मधुमिता जी, आ.ममता रंजन पाण्डेय जी,आ.शिवशंकर लोध राजपूत जी,आ.सुधीर श्रीवास्तव जी, आ.कुसुम जी, आ.केशरवानी चन्दन जी, आ.विक्रान्त कुमार ठाकुर जी, आ.मनोज कुमार चन्द्रवंशी जी, आ.तरा देवी सिंह जी, आ.कुलदीप रुहेला जी, आ.गोविन्द गुप्ता जी, आ.संजय गुप्त जी, डॉ दिलीप कुमार झा जी, आ. रोशन बलूनी जी, आ. ममता रंजन पाण्डेय जी इत्यादि रचनाकारों ने भाग लिया। लखनऊ इकाई के सभी प्रभारियों अध्यक्षा आर्तिका श्रीवास्तव जी, उपाधयक्षा संगीता चौबे पंखुड़ी जी ने कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर भाग लिया एवं प्रतिभागिता निभाई। उद्घाटन समारोह वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्य आ. हंसराज सिंह "हंस" जी के देखरेख में बहुत ही सुन्दर और सौहार्द पूर्ण ढंग से अध्यक्षा आर्तिका श्रीवास्तव महोदया के उद्बोधन स्वरचित काव्य एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ सम्पन्न हुआ।

Monday, July 12, 2021

सकारात्मक साहित्य

नमन मंच 🙏☺️हिंददेश परिवार पंजाब इकाई विषय :- आओ मिलकर सकारात्मक साहित्य रचेविधा :-आलेख आओ मिलकर सकारात्मक साहित्य रचे हम.....कोई भी काम जब मिलकर किया जाए तो परिणाम तो सकारात्मक होता ही है। जहाँ तक मुझे लगता है सकारात्मक विचारधारा के साथ ही मिलकर के चला जा सकता है । जब बहुत सारे विचार ,या यह  कहें कि अलग-अलग सोच के लोग भी मिलते हैं तो अगर भाव अच्छे हैं, सकारात्मक हैं तो मिलन ज्यादा आसानी से हो जाता है। रही बात साहित्य रचना की उसमें भी अगर साहित्य सकारात्मक सोच का हो तो सच में सोने पर सुहागा है ।               पिछले डेढ़ साल से हम जिस वैश्विक महामारी से जूझ रहे हैं उसके चलते हुए मैंने यह महसूस किया है कि सकारात्मक सोच, सकारात्मक विचार सकारात्मक साहित्य हमारे मन में अद्भुत शक्ति -ऊर्जा उत्पन्न करता है । आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। जीवन में मनुष्य किसी भी स्थिति में हताश नहीं होता है। राह में आने वाली हर मुसीबत को आसानी से झेल जाता है।                          हिंददेश परिवार संसार को सकारात्मक ऊर्जा देने में शत प्रतिशत सफल रहा है। हर पटल पर हमारा लिखना इसलिए सफल हो रहा है क्योंकि हम अच्छे भावों से प्रेरित सकारात्मक सोच को अपनी प्रेरणा बनाकर लिख रहे हैं।  यह सकारात्मक सोच ही हमारे मन और मस्तिष्क दोनों को सशक्त बना रही है। हम हर परिस्थिति का सामना करके उत्कृष्ट लक्ष्य को प्राप्त कर रहे हैं । हर रोज कुछ ना कुछ लिखना और सकारात्मक सोच को लिखना ,अपना दूसरों के लिए और दूसरों का पढ़ना- मन को एक सुंदर विचार एक सुंदर भाव और मानव जाति के प्रति एक सुंदर भावना हर इंसान में उत्पन्न हो रही है ।  हम भाग्यशाली हैं कि मानवता के विकास के लिए हम सब  रचनाकार प्रयासरत हैं । हम सब का लेखन,  वह भी सकारात्मक सोच के साथ साहित्य को उत्कृष्ट की बुलंदियों पर पहुँचाएगा और हम सब के प्रयास समाज में, समाज की सोच में अवश्य बदलाव लाएँगे । इसी विश्वास के साथ हम लिखेंगे और हमारा साहित्य , हमारा लेखन सकारात्मकता को जन-जन में पहुँचाएगा। एक सुंदर सृष्टि के निर्माण हेतु सकारात्मक लेखन के लिए  माननीय साहित्यकार बधाई का पात्र है।नीरजा शर्मा 12/07/2

108 घण्टे चली देवी की आराधना

*हिंद देश परिवार का 108 घंटे देवी दुर्गा को समर्पित वर्चुअल कार्यक्रम* *देश विदेश के रचनाकारों ने देवी मां के साथ घर की मां की पूजा का किया ...