भारत के जागरुक गण,
वरदान दीजिए ।
अधिकार मत का पाके ,
मतदान कीजिए ।
हो दूर धर्म , भा षा ,
जाति विशेष से ।
आना ना प्रलोभन में,
समुदाय द्वेष से ।।
मर्यादा लोकतंत्र-ए ,
अहसान कीजिए ।
अधिकार मत का पाके,
मतदान कीजिए ।।
निष्पक्ष रहके अक्षुण्ण,
शान्ति का प्रण करें ।
कायम हो आस्था भी,
शुभता का जप करें ।।
मतदान -यज्ञ पूरक,
अभय दान दीजिए ।
अधिकार मत का पाके,
मतदान कीजिए ।।
रखना है ध्यान मन में,
भारत सशक्त हो ।
मतदाता नहीं छूटे कोई,
जो राष्ट्र-भक्त हो ।।
कर्तव्य श्रेष्ठता ही "अनुज",
प्रण मान लीजिए ।
अधिकार मत का पाके ,
मतदान कीजिए ।।
डॉ अनुज कुमार चौहान "अनुज"