सभी देशवासियों से विनम्र निवेदन है अगर आपके नजदीक वाली सड़क से कोई भी व्यक्ति अपने घर जाने के लिए पैदल सफर कर रहा है तो उसको खाने की वस्तु अवश्य दें । कैसी विडंबना है हमारे भारतवर्ष में कुछ लोग भरपेट खाकर बिस्तर में भला कैसे सो सकते है जब भारतमाता का ही दूसरा बच्चा खाली पेट सड़क पर चल रहा हो। हिंदुस्तान इतना अमीर होने के बावजूद भी भूखा है यह बात हजम नहीं होती । कृपया आप सभी आगे आएं आपने देश के निर्माताओं की सहायता करें। जिन्होंने सड़के बनाई है, ऊंचे भवन बनाएं है, अस्पताल, मंदिर और भारत के सांसद तक बनाएं है। उनको पेटभर खाने का अधिकार है। भला अपने ही देश में भारतवासी फंसे कैसे हो सकते है। आप सोचिए, चिंतन कीजिए। इस संदेश को अन्य लोगों तक पहुचाएं ताकि एक मनुष्य दूसरे मनुष्य की मदद करके सही मायने में मनुष्य का धर्म निभा सके । भारत भूमि आज भी सोने की चिड़िया है, सम्पन्न है खुशहाल है। बस समझदारी की आवश्यकता है।
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अर्चि