Monday, August 17, 2020

*तुमसे कहने को*

तुमसे कहने को   बातें   बहुत है मगर
होंठ चुप है झुकी है  हमारी   ये  नज़र
तुमको पाकर भी हम  यू  तड़पते  रहे
दर्द दिल की  ये  जानम  किससे  कहे
है  काँटो  भरा   मोहब्बत   का  सफ़र
तुमसे......

तोड़कर आ जाओ सारे बंधन साजन
तुम   बिन  लगे न  मेरा    तनहा  मन
दुनिया  क्या  कहती  भूलो  ये बालम
प्रेम अपनी पूजा प्रेम  है अपना  धरम
प्रेम  अब तो  करेंगे  हम  आठों  पहर
तुमसे ......

चाँद-सूरज  सुनाएँगे  अपनी  जुबानी
सारी दुनिया  कहेगी  अपनी  कहानी
तुम बनो  मेरे राजा मैं बनूँ  तेरी  रानी
न  चलने  देंगे   दुनिया  की  मनमानी
दो न सबको अपने  प्यार  की  खबर
तुमसे ......

सुनो प्यार  तो  खुदा की   इबादत  है
इस  जहाँ  की    हसीन   ज़रूरत   है
प्यारा    दिल से  संसार  खूबसूरत  है
प्रेम   में बसती  ईश्वर    की  सूरत   है
प्यार   से  अछूता  रहे   न कोई  शहर
तुमसे.......

अर्चना पांडेय अर्चि
तिनसुकिया, असम

108 घण्टे चली देवी की आराधना

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