Saturday, April 17, 2021

माता



नवरात्रि का पावन पर्व आया है
 नव निधियां संग ले आया है 
भक्तों के मन को भाया है 
 उल्लास मन में समाया है
नव दुर्गा माता पूजी जाती है
 शक्ति शालिनी जन्म दायिनी लोकपालिनी  माता कहलाती है
उमा रमा ब्रह्माणी माता 
 इस जग की कल्याणी माता
 अन्नपूर्णा बनकर जग  का पेट भरती माता
 नारायणी बनकर संसार चलाती है माता 
आदिशक्ति मातंगी मातभवानी है माता
 भवमोचिनी भव्य शूल धारिणी है माता
 ब्रह्मचारिणी ब्राह्मी ब्रह्मवादिनी है माता
 भद्रकाली कराली कालरात्रि कल्याणी माता
 अग्नि ज्वाला तू महाबाला पिनाक धारिणी हे माता
 सिद्धिदात्री तपस्विनी दानव घातिनी है माता
 चामुंडा चंद्रघंटा चंड मुंड विनाशिनी है माता
 महागौरी शैलपुत्री शक्ति स्वरूपिणी है माता 
कुष्मांडा कात्यायनी और दुख हारणी है माता 
जगदंबे अंबे मात भवानी अष्ट भुजाओं वाली है माता
 काली का अवतार लिए शक्तिशाली है माता
भव पार करो मम कष्ट हरो माता
तुम्हारे जो भी आता खाली हाथ नहीं वो जाता 
सबकी झोली भर्ती है माता
रूप तेरे  है अनेक पर तू तो एक ही है माता।
रमा बहेड हैदराबाद

108 घण्टे चली देवी की आराधना

*हिंद देश परिवार का 108 घंटे देवी दुर्गा को समर्पित वर्चुअल कार्यक्रम* *देश विदेश के रचनाकारों ने देवी मां के साथ घर की मां की पूजा का किया ...