हिंंददेश परिवार का
अंतरराष्ट्रीय महाकाव्योत्सव संपन्न
साठे सोलह घंटे अनवरत बही काव्यगंगा
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होली के शुभ अवसर पर हिंंददेश परिवार की इकाई हिंंददेश विश्वबंधुत्व द्वारा दिनांक 28 मार्च ' 2021 को अंतरराष्ट्रीय महाकाव्योत्सव भव्यतापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुबह साठे सात बजे से शुरु उक्त जूम एप जो कि फेसबुक से लाइव हो रहा था। महाकाव्योत्सव रात 12 बजे तक लगातार चलकर देश/विदेश के कवि/कवयित्रियों के संचालन और संरक्षण में बहने वाली काव्यगंगा मील का पत्थर छोड़ गया।
इस मैराथन महाकाव्योत्सव के लिए पिछले दो माह से हिंंददेश परिवार अपनी तैयारियों में लगा रहा। जिसके परिणाम स्वरूप अनेक देशों के साथ भारत के कवि/कवयित्रियों ने अपना काव्यात्मक योगदान दिया।
महाकाव्योत्सव का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना से हुई।आ.माधुरी भट्ट 'मधु'(पटना)और आ.बजरंग लाल केजड़ीवाल 'संतुष्ट' ने सुमधुर स्वर में माँ की आराधना प्रस्तुत की।
महाकाव्योत्सव की अध्यक्षता हिंंददेश परिवार की संस्थापिका/अध्यक्षा डा.अर्चना पाण्डेय 'अर्चि' ने की।
विश्वबंधुत्व पटल की अध्यक्ष आ0 स्मृति जी जो दोहा कतर की रहने वाली है उन्होंने ऐसा शमा बाँधा कि कवियों के साथ-साथ श्रोताओं ने भी कार्यक्रम का जमकर आनन्द उठाएँ। विशबन्धुत्व पटल की संरक्षिका आ0 कल्पना पारीक जो नॉरोबी केन्या की रहने वाली है उनके उत्साह ने कार्यक्रम में सजीवता ला दी। वही कार्यक्रम की संयोजिका जो पटना हिंदुस्तान की है अनवरत पटल के साथ जुड़ी रही। इन त्रिमूर्तियों की मेहनत और हौसले को कवियों तथा श्रोताओं ने खूब सराहा। और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम करते रहने के लिए गुजारिश की।
अपने अध्यक्षीय भाषण में अध्यक्षा डा.अर्चना पाण्डेय 'अर्चि' जी ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी सदस्यों एवं पदाधिकारियों को बधाइयाँ और शुभकामनाएं दी।अपने सारगर्भित संबोधन में उन्होंने हिंददेश परिवार के बुनियादी उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंददेश परिवार साहित्य के माध्यम से संसार को सुंदर और खुशहाल बनाने को दृढ़ संकल्पित है। इस संसार में जितनी भी प्राकृतिक संपदाएं है,पशु पक्षी, जीव जन्तु, पेड़ पौधे हैं,सभी का उचित प्रयोग हो,मान सम्मान मिले और प्रत्येक मानव एक दूसरे से सहयोग की भावना से मिले और एक दूसरे का मान सम्मान करे। यही हमारे हिंददेश परिवार का मुख्य उद्देश्य है।हम ऐसे समाज का निर्माण करें