लता की नई-नई शादी हुई थी। वह बेहद खुश थी।लेकिन दिन भर उसको अकेले ही रहना पड़ता था। उसके पति सुबह ही काम पर चले जाते थे। और सूरज ढलने पर ही घर लौटकर आते थे। बेचारी नए जगह पर आई लता अकेले रहकर काफी दुखी सी रहने लगी थी। उसके एक -एक दिन एक -एक वर्ष जैसे लगने लगे थे। जब उसके पति काम चले जाते तो हर रोज वह बरामदे में जाकर बैठती। एक व्यक्ति सुबह-सुबह सात बजे के करीब अपने सर पर टोकरी में कुछ लेकर जाता और लता को देखकर एक प्यारी सी मुस्कान देता। लता को बहुत आश्चर्य होता।
एक दिन वह सोची की इस बात का जिक्र वह अपने पति श्याम से करेगी। रात को खाना खाते समय लता ने शाम से कहा-
अजी आपको कुछ बात बतानी है...
श्याम - तो बोलो न।
लता- हर सुबह एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति सर पर टोकरी में कुछ लेकर सामने वाले रास्ते से गुजरता है और मुझे देखकर मीठी सी स्माइल देता है।
श्याम- ओह, अच्छा। वह तो बजरंगी है जो सामने वाले घर की गायों का देख -भाल करता है और टोकरी में भरकर गोबर खेत में फेकने जाया करता है। रास्ते में मिलने वाले हर व्यक्ति को एक मीठी मुस्कान देकर स्वागत करता है। इसी अद्भुत मुस्कान की वजह से वह पूरे इलाके में प्रसिद्ध है। सर पर गोबर की टोकरी उठाकर हर वक्त मुस्कराते रहता है। यही उसकी अनोखी पहचान है।
अब लता ने भी सोच लिया कि वह भी हमेशा खुश रहेगी और अपने काम में व्यस्त रहेगी। बजरंगी अगर गोबर की टोकरी सर पर उठाकर हमेशा खुश रहता है और औरों को खुश रखता है तो हमें भी हमेशा खुश रहना चाहिए।
-डॉ. अर्चना पांडेय अर्चि