*सोचें, विश्वास करें और बनें*
शब्द और सोच बहुत शक्तिशाली होते हैं। इसलिए शब्द को ब्रह्म कहा जाता है। कोई भी मनुष्य वही होता है जो वह सोचता है। एक मनुष्य वह नहीं होता हो लोग उसके बारे में सोचते हैं बल्कि वह वही होता है जो वह स्वयं के बारे में सोचता है। अगर आप सोचते हैं कि कामयाब है तो आप बिल्कुल कामयाब है, अगर आप सोचते हैं कि आप जीत जायेंगे तो निश्चित ही आप जीतेंगे। इसमें कोई शंका नहीं हैं। प्रत्येक शब्द में एक शक्ति होती है। ठीक उसी प्रकार सोच में भी। अच्छे शब्द और अच्छी सोच हमारे दिमाग को शक्ति प्रदान करते हैं, हमें स्वस्थ्य रखते हैं, हमें अपने जीवन में ऊचाँइयों पर पहुँचाते हैं। इसलिए हमें हमेशा अच्छी चीजों पर ध्यान केंद्रित करना है और अच्छा ही सोचना है। हमें दूसरों के लिए तो अच्छा सोचना है साथ में अपने लिए भी बेहतरीन सोचना है क्योंकि आज हम जो कुछ भी हैं वह अतीत में सोचें हुए सोच का परिणाम हैं। आने वाले दिनों में बेहतरीन प्रदर्शन और परिणाम के लिए हमें अपने दिमाग में बेहतरीन योजनाएं बनानी होगी उसको सोचना होगा। सफलता किसी के दिमाग के आकार पर निर्भर नहीं करती, वह तो सोच के आकार पर निर्भर करती है। ध्यान रहे आप जो सोचेंगे वही बनेंगे तो ध्यान से सोचिए आखिर आप बनना क्या चाहते है? जो आप रोज-रोज सोचेंगे वही आप धीरे-धीरे बनेंगे।
आज निर्णय कीजिये कि सिर्फ बेहतरीन शब्दों को बोलेंगे, बेहतरीन सोच ही अपने दिमाग में रखेंगे। किसी और के कर्मों का हिसाब किताब ऊपर वाले के हवाले कर दे। अपने पवित्र मस्तिष्क में कोई भी बुरी बात प्रवेश न करने दें। निश्चित रूप से आप इस पृथ्वी पर महान कार्य कर जाएंगे। आपकी गणना महानतम व्यक्तियों में होगी।
*अर्चना पांडेय अर्चि*
*अध्यक्ष, हिंददेश परिवार*