Wednesday, January 27, 2021

बेवजह मुस्कराइए

आज का विषय -बेवजह मुस्कुराइएं 
सड़क के किसी मोड़ पर यदि आपको अपना अनजान भी मिल जाती है ।
लगता बेवजह आपको हैं 
तो भी अपनी मधुर मुस्कान के साथ 
मुस्कुराइएं ,
जिसके मतलब से ही कृपा बरस मुस्कान ले आती हैं ।
वह कहती आप से है ?
सपनो को साकार करने हर पल जीती हूँ ।
जिसमें हर पल ख़ुशियों की बारिस होती हैं ।
गुज़ारिश भी यही करती हूँ ।
ना हो गिले शिकवे ना शिकायतें 
सर झटक चल चलने की आदत बनाइये ।
अपनी मधुर मुस्कान के साथ 
 मुस्कुराईएं ।
हर मोड़ पर उसका साथ मिल जायेगा 
उस मोड़ पर हमारे अपनो का साथ 
होगा । 
उस मोड़ पर कविताओं लघुकथाओं ज़स्बा साथ होगा ।
किसी ने स्नेह बरसाया ।
किसी ने प्रेम बरसाया ।
हम उसी के हो कर रह गये ,
जिसने हर वक़्त साथ निभाया ।
गुजरे दिनो की अच्छी बातें ले आगे बढ़ जायेंगे ।
हम तो हर हाल में अपनो को अपना बना जायेंगे ।
नयेवर्ष नयेदिन का स्वागत ख़ुशियों से सजायेंगे।
गुजरे दिनो की अच्छी बातें ले आगे बढ़ जायेंगे ।
हम तो हर हाल में अपनो को अपना बना जायेंगे।
नयेवर्ष नयेदिन का स्वागत ख़ुशियों से भर जायेंगे ।
कर्म इंसानियत की जीत होती है ।
इससे बड़ा क़ोई धन नही होता है ।
पापपुण्य कर्मों का लेखा जोखहोता है 
विद्या ज्यों ज्यों खर्चे त्यों त्यों बढ़े ।
सुबह की धूप सुहानी होती है 
 नज़ारों में क़ैद बहार होती हैं 
पल पल जीने एहसास होती हैं 
अंधेरा दूर भगा रोशनी होती हैं
मुस्कान आत्मीयता की चाहत 
परमात्मा की अमूल्य भेंट है 
जिसे लेने देने की अमिट चाहत ।
बेक़रारी बेख्याली की चाहत हैं 
चाहत मंज़िल का रास्ता होती हैं 
ग़मों को पीछे छोड़ आगे बढ़ जाती हैं 
भाग्य लकीरों को खींच आगे बढ़ा जाती हैं ।
उम्मीदों के साथ रास्ता बढ़ा जाती हैं
धर्य सफलता मधुर रिश्तों की अनमोल कुँज़ी है ।
जीवन को सुखमय बनाना सफलता की कुँज़ी है ।
 हर दिन नये आयाम विश्वास के साथ आगे बढ़ जाइएगा ।
आने वाला कल समय संस्कारों की पूँजी है।
हम तो हर हाल में अपनो को अपना बना जायेंगे 
धन्यवाद
अनिता शरद झा रायपुर

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